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शिक्षा के नाम पर भ्रष्टाचार का गढ़ बना सुल्तानपुर

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सौरभ सिंह सोमवंशी

प्रदेश के सुल्तानपुर जनपद में लगातार शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार से संबंधित खबरें सामने आती रही हैं कुछ दिनों पहले जिले में ही संतोष कुमार नाम के एक व्यक्ति के द्वारा लालजी सिंह प्राथमिक विद्यालय, लालजी सिंह उच्च प्राथमिक विद्यालय व रामरती सिंह बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय को कागज में चलाने की बात आई थी जो जमीन पर निर्मित नहीं थे और इन विद्यालयों के नाम पर उसने जनप्रतिनिधियों से 32 लाख 70 हज़ार व छात्रबृत्ति की लगभग एक करोड़ से अधिक का घोटाला किया बाद में उसके ऊपर जिलाधिकारी के आदेश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया परन्तु पूर्व जिलाधिकारी सी इंदुमति के अनुसार सुल्तानपुर के पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों और राजनेताओं के संरक्षण के चलते उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई बाद में मुख्यमंत्री के आदेश पर मुकदमा STF को ट्रांसफर हो गया।जब STF ने संतोष सिंह को गिरफ्तार किया तो पता चला उसे उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ से अग्रिम जमानत मिल चुकी है और करोड से अधिक के घोटाले का आरोपी खुले आम योगी आदित्यनाथ की सरकार में घूम रहा है और आज तक वसूली की भी कार्यवाही नही हुई।अब ठीक उसी तरह से सुल्तानपुर में एक और मामला प्रकाश में आया है जहां पर एक संस्थान ने अनुसूचित जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति दिलाने के नाम पर एक करोड़ 43लाख से अधिक का घोटाला किया है।

क्या है मामला

नगर के अमहट स्थित सरस्वती एविएशन अकादमी में युवाओं को पायलट बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। लेकिन बीते दिनों यहाँ हुये भ्रष्टाचार के एक खुलासे के बाद हड़कम्प मचा हुआ है। इसी प्रशिक्षण केंद्र में गौरव, अर्जुन सिंह, आशुतोष भारती,राजाराम सागर और शुभम सोनकर नाम के अनुसूचित जाति के छात्रों का सीसीएल पाठ्यक्रम में प्रवेश दिखाया गया। जबकि सच्चाई ये है कि इन छात्रों ने यहाँ कभी सीसीएल पाठ्यक्रम में प्रवेश ही नहीं लिया। इतना ही नहीं संस्थान ने समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश से आने वाली छात्रवृत्ति भी हजम कर ली। सीसीएल पाठ्क्रम में एक छात्र को 28 लाख 72 हज़ार रुपये छात्रवृत्ति मिली थी। इस हिसाब से सरस्वती एविएशन अकादमी संस्था ने 5 छात्रों के नाम पर एक करोड़ 43 लाख 60 हज़ार रुपए का गबन कर लिया। इसी को लेकर निदेशालय समाज कल्याण उत्तर प्रदेश लखनऊ ने 20 नवम्बर 2020 को समाज कल्याण विभाग सुल्तानपुर को पत्र भेजकर जानकारी दी और एफआईआर करवाने का निर्देश दिया। जिसपर सुल्तानपुर के समाज कल्याण विभाग के अधिकारी ने 22 नवम्बर 2020 को सुल्तानपुर पुलिस अधीक्षक को सरस्वती एविएशन अकादमी के संचालक पर मुकदमा दर्ज करने के लिये पुलिस अधीक्षक को तहरीर दी। मामला गंभीर देख पुलिस कप्तान ने तत्काल सरस्वती एविएशन अकादमी के संचालक पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे दिया। जिसपर नगर कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज हो गया है।

क्या बोले जिलाधिकारी

जिलाधिकारी रवीश गुप्ता के अनुसार छात्रवृत्ति हड़पने का मामला बेहद गंभीर है और इसके संचालक के खिलाफ कठोर धाराओं सहित गैंगस्टर लगाने की कार्यवाही की जायेगी।

जिले के भ्रष्टाचारियों पर क्यों मेहरबान है समाज कल्याण अधिकारी रणविजय सिंह?

कागज पर तीन-तीन विद्यालय चलाने और 3 करोड से अधिक के घोटाले के आरोपी संतोष कुमार सिंह के मामले में पूर्व जिलाधिकारी सी इन्दुमती ने 5 सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराई जाँच में पाया गया कि धरातल पर इस नाम का कोई भी विद्यालय संचालित/स्थापित नही है जिलाधिकारी के आदेश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कोतवाली नगर में भ्रष्टाचार के आरोपी संतोष सिंह के खिलाफ मुकदमा लिखवा दिया और जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी और डी0आर0डी0ए0 को निर्देशित किया कि 32लाख 70 हजार विधायक/सांसद निधि की वसूली कराए और समाज कल्याण अधिकारी/अल्पसंख्यक अपने-अपने विभाग से दी गई छात्रबृत्ति की वसूली कराए ,लेकिन समाज कल्याण अधिकारी रणविजय सिंह द्वारा 8 माह बीत जाने के बाद भी आज तक वसूली की कार्यवाही नही की गई जबकि आरोपी जमानत पर है वसूली न होने के पीछे कही न कही समाज कल्याण विभाग के अधिकारी की संलिप्तता प्रतीत होती है यदि मामला प्रकाश में आने पर कार्यवाही कर देते तो इतना बड़ा घोटाला न होता और आज तक जिलाधिकारी के आदेश की अवहेलना हो रही है देखना है कि जिलाधिकारी ऐसे भ्रष्टाचारियों पर कब कार्यवाही करते है।blank

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