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अनाज-घोटाला

मिर्ज़ापुर में 17 हज़ार कुंटल अनाज घोटाला, 26 महिलाओं सहित 59 लोगों ने दिया घोटाले को अंजाम

उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में अनाज खरीद में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक धान खरीद में लगभग 17 हजार कुंतल का घोटाला हुआ है। चार केंद्रों पर हजारों कुंतल खरीद का घोटाला होना बताया जा रहा है। घोटाले में शामिल 59 लोगों के खिलाफ प्रशासन ने  मुकदमा दर्ज करवाया है।

उपरोक्त जानकारी एडीएम मीरजापुर यूपी सिंह ने देते हुए बताया है कि फर्जी खतौनी के जरिये इसे अंजाम दिया गया है। बताया हैं कि “सरकार की मंशा को दर किनार कर धान खरीद में पारदर्शिता को बदनाम करने की साज़िश सामने आने पर कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार मड़िहान तहसील क्षेत्र के सन्तनगर एनसीसीएफ केंद्र पर फर्जी खतौनी लगाकर लगभग 17 हजार कुन्तल धान बेचने का मामला प्रकाश में आते ही हड़कम्प मच गया है। बताया जाता है कि सन्तनगर क्रय केन्द्र पर दूसरे गांव के किसान अमोई पुरवा गांव के किसान बनकर फर्जी खतौनी की इस्तेमाल कर मनमानी तौर पर धान बेच दिया। धान बेचने को लेकर एक तरफ किसान परेशान है तो वही दूसरी तरफ बिचौलियों के माध्यम से लगभग 17 हजार कुन्तल धान बेच लिया गया। हालांकि मामला संज्ञान में आते ही जिले में हड़कम्प मच गया। बताया जाता है कि रजिस्टर पर आंकड़ा छिपाकर बिचौलियों द्वारा किसान बनकर ऑनलाइन 765 लोगों द्वारा धान बेच दिया गया। मामले की जांच हुई तो प्रशासन के निर्देश पर लेखपाल लल्लन सिंह द्वारा लालगंज थाने में केन्द्र प्रभारी समेत कुल साठ किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। गौरतलब हो कि कुछ दिन पूर्व उप जिलाधिकारी मड़िहान रोशनी यादव ने 31 दिसम्बर की जांच के बाद पहले ही 7 लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करा चुकी है। वहीं लालगंज थाना प्रभारी सुभाष राय ने बताया है कि साठ किसानों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में 419,420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बताते चलें की जिले का मड़िहान, लालगंज तथा हलिया धान खरीद के मामले में होने वाले फर्जी फर्जीवाड़े को लेकर सदैव से सुर्खियों में रहा है। पूर्व में हुए मामलों पर भी नजर डालें तो कई और घोटाले सामने होंगे, जिन्हें पूर्व के अधिकारियों ने दबा दिया है।

बिचौलिए हो रहे हैं मालामाल, किसान बना है बदहाल—-किसानों को राहत देने के लिए सरकारें तमाम घोषणाएं करती हैं, दावे करते हैं, लेकिन इसकी जमीनी हकीकत इससे इतर होती है। किसानों को राहत देने के लिए चलाई गई योजनाएं उन तक पहुंचने से पहले ही भ्रष्टाचार व घोटाले की भेंट चढ़ जाती हैं। मिर्जापुर जनपद में किसानों को राहत देने के लिए खोले गए मड़िहान तहसील के सन्तनगर एनसीसीएफ केंद्र पर फर्जी खतौनी लगाकर लगभग 17 हजार कुन्तल धान फर्जी किसानों द्वारा बेंच दिये जाने का मामला प्रकाश में आने पर केंद्र प्रभारी समेत 60 लोगों के खिलाफ भले ही धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया है, लेकिन सवाल यह उठता है कि तमाम पारदर्शिता पूर्ण नीतियों तथा समय-समय पर संबंधित विभाग के अधिकारियों से लगाए जिले के उच्चाधिकारियों द्वारा छानबीन, औचक निरीक्षण के बाद भी यह सब कुछ कैसे संभव हो गया? यह गहन जांच का विषय है।

कहीं मामला ठंडे बस्ते में ना डाल दिया जाए—-उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के मड़िहान तहसील क्षेत्र के सन्तनगर एनसीसीएफ केंद्र पर किसानों से धान खरीद के नाम पर खेले गए खेल का मामला सामने आने पर 60 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा तो दर्ज करा दिया गया है, अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इसमें कार्रवाई भी होगी या कुछ समय बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा जैसा कि पूर्व में होता आया है। यह इसलिए कहना पड़ रहा है क्योंकि बिचौलियों के हाथ  काफी लंबे होने के साथ ही शासन सत्ता से भी जुड़े होते आए हैं। कहीं ना कहीं से इन्हें सफेदपोश लोगों से लेकर विभागीय और सत्ताधारी दल का भी सह प्राप्त होता है।

फर्जी किसान बनकर कुछ यूं दिया गया अंजाम——अमोई गांव के किसान बनकर और फर्जी खतौनी लगाकर करीब 17 हजार कुन्तल धान फर्जी तरीके से बेच दिए जाने का मामला भी बड़ा रोचक है। सन्तनगर क्रय केन्द्र पर दूसरे गांव के किसान चकबन्दी वाले गांव अमोई पुरवा का किसान बनकर फर्जी खतौनी की इस्तेमाल कर मनमानी तौर पर धान बेचा। वहीं धान बेचने को लेकर एक तरफ किसान अपनी बारी का इंतजार एक सप्ताह करते रहे थे तो वही दूसरी तरफ बिचौलियों के माध्यम से रोज धान बेचा जाता रहा है। इस प्रकार लगभग 17 हजार कुन्तल धान की खरीद की गई। रजिस्टर पर आंकड़ा छिपाकर बिचौलियों द्वारा किसान बनकर ऑनलाइन 765 लोगों द्वारा धान बेच दिया गया। मामले की जांच हुई तो प्रशासन के निर्देश पर लालगंज थाने में केन्द्र प्रभारी समेत कुल साठ किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया।

धान खरीद में हेराफेरी के खेल में 26 महिलाएं भी शामिलमड़िहान तहसील क्षेत्र के एनसीसीएफ धान क्रय केंद्र संतनगर प्रभारी की मिलीभगत से खरीद में हेराफेरी का मामला प्रकाश में आते ही प्रशासन सख्त हो गया है। बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय लेखपाल की तहरीर पर प्रभारी व 26 महिला समेत 59 बिचौलियों के खिलाफ लालगंज थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया। बड़ी कार्यवाई से विभाग में हड़कम मचा है। सवाल भी खड़ा हो रहा है कि हस्तलिखित खतौनी पर तहसील में कैसे सत्यापन हो गया? उसके बाद क्रय केंद्र पर देखभाल के लिए लेखपाल की डियूटी पहले से लगी थी, बावजूद इसके हेराफेरी हो गई?जिले में सरकार द्वारा धान खरीद में सख्ती बरते जाने के बावजूद बिचौलियों का बोलबाला है। कार्यालयों का चक्कर लगाकर किसान अपनी उपज को औने पौने दामो पर बिचौलियों के हाथों बेचने को विवश हैं। वहीं अधिकारियों, कर्मचारियों की मिलीभगत से एक खतौनी पर एक ही बार में साढ़े चार सौ क्विंटल धान बेच दिया गया। बताते हैं कि पूर्वांचल के बड़े राशन माफियाओं की सह पर धान, गेंहू की खरीद फरोख्त का गोरखधंधा बड़े पैमाने पर जिले में फल फूल रहा है।

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