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कोरोना काल की पहली शारदीय नवरात्रि: भक्त, माँ और माली, सबकुछ वीराना

कोरोना काल (Corona pandemic) की पहली शारदीय नवरात्रि (Navratri) में श्रद्धालु और दूकाननदार ही नहीं बल्कि माँ दुर्गा (Maa Durga) और उनके मंदिरों (Temple) पर भी अपना असर डाला हैं। इस कोरोना का भय भक्तों के श्रद्धा पर भारी पड़ रहा है। एक तरफ आस्था दूसरी तरफ सरकारी गाइडलाइन (government guidelines) । नतीजा इस नवरात्रि (Navaratri) में महज बीस फीसदी माँ (Maa durga) के भक्त। कुछ लोग आ तो रहे हैं लेकिन वो बाहर दूर से माँ दुर्गा (maa durga) को प्रणाम कर निकल जा रहे है। वीरान से लग रहे हैं मंदिर और डरे हुए हैं श्रद्धालु। सरकारी गाइडलाइन के अनुसार दोपहर 12 मंदिर में ताला लगा दिया जा रहा है, जिसके बाद दर्शन करने आये हुए श्रद्धालुओं को बिना दर्शन वापस भी लौटना पड़ रहा है।

कोरोना काल की पहली शारदीय नवरात्रि का आज पहला दिन है। धक्का मुक्की और चहल पहल की जगह मंदिरों में सन्नाटा पसरा हुआ है। कुछ लोग कोरोना प्रोटोकॉल को फॉलो करते हुए मंदिर तो आ रहे हैं लेकिन कम समय के लिए मंदिर खुलने के सरकारी इजाजत के कारण भी दर्शन नहीं कर पा रहे हैं। इस कॉरोनलकाल की नवरात्रि में सबसे गहरा आघात पहुंचा है माली और प्रसाद बेचने वाले छोटे मोते दुकानदारों पर। इस बार महज बीस- पच्चीस फीसदी भक्त आने से उनके बिक्री में काफी गिरावट आई है। लेकिन साथ ही साथ दुकानदार प्रसाद और पूजा सामग्री के खरीदने आ रहे सभी लोगों के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करावा रहे हैं।

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